Tuesday, March 3, 2026
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Jammu Kashmir Protests : जम्मू-कश्मीर में कर्फ्यू… खामेनेई की मौत के बाद श्रीनगर में तीसरे दिन भी प्रदर्शन

श्रीनगर। Jammu Kashmir Protests :  ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद कश्मीर की वर्तमान स्थिति को देखते हुए मंगलवार को भी निषेधाज्ञा व प्रशासिनक पाबंदियां लागू रहेंगी। घाटी में स्कूल-कालेज भी बंद रहेंगे और कश्मीर विश्वविद्यालय ने तीन मार्च को होने वाली अपनी सभी परीक्षाएं स्थिति कर दी हैं। इधर, जम्मू संभाग के राजौरी व पुंछ जिलों में मंगलवार को भी बंद रखा गया है, जिसे देखते हुए दोनों जगह स्कूल भी एहतियातन बंद रखे जाएंगे।

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सभी संवेदनशील इलाकों में पुलिस व अर्धसैन्यबलों की अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात की गई हैं। घाटी में सभी शिक्षण संस्थानों में दो दिवसीय अवकाश घोषित कर दिया है। इंटरनेट की गति को भी सीमित किया है। समाचार एजेंसी प्रेट्र के अनुसार हिंसक झड़पों में 14 प्रदर्शनकारी घायल हो गए। इस बीच, जम्मू संभाग के पुंछ, किश्तवाड़, डोडा, राजौरी जिलों में भी बंद व कई जगह प्रदर्शन हुए।

पुलिस और प्रशासन ने लोगों से संयम और शांति बनाए रखने व अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। मुताहिदा मजलिस-ए-उलेमा (एमएमयू) के चेयरमैन मीरवाइज उमर फारूक ने रविवार को सोमवार दो मार्च को कश्मीर बंद का आह्वान किया था। इस बंद का विभिन्न राजनीतिक दलों में पीडीपी और अपनी पार्टी ने भी समर्थन किया। लगातार दूसरे दिन भी वादी में बंद के बावजूद तनाव बना रहा। रविवार को अयातुल्ला खामेनेई की मौत के खिलाफ हुए प्रदर्शनों को देखते हुए प्रशासन ने पूरी वादी में निषेधाज्ञा को सख्ती से लागू किया था।

कई जगहों पर रास्ते पूरी तरह सील

कई इलाकों में विशेषकर शिया बहुल इलाकों में आने जाने के रास्तों को पूरी तरह सील किया था। कहीं कंटीली तार लगाई गई तो कहीं अन्य अवरोधक लगाए गए थे। लालचौक, आबीगुजर, आलमगरी बाजार, लाल बाजार फतेहकदल, हारवन-शालीमार के अलावा बारामुला, पट्टन, मांगाम, बड़गाम, पुलवामा, शोपियां, बांडीपोरा में शिया बहुल इलाकों में आने जाने के रास्तों को बंद किया गया। किसी भी स्थिति से निपटने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस व सीआरपीएफ के जवानों की तैनाती बढ़ाई गई थी।

सभी संवेदनशील इलाकों में दिनभर अर्धसैन्यबल गश्त करते रहे। तमाम प्रशासनिक पाबंदियों के बावजूद कई जगहों पर शिया समुदाय लोग नारेबाजी करते हुए सड़कों पर उतर आए। उनमें से कइयों ने दिवंगत खामेनेई के पोस्टर उठा रखे थे। कुछ ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ लिखे नारों वाले पोस्टर उठा रखे थे।

इरान और हिजबुला के देखे गए ध्वज

कुछ जगहों पर कथित तौर फिलस्तीन, इरान और हिजबुला के ध्वज भी देखे गए। श्रीनगर के बेमिना, बटमालू, हारवन और दक्षिण कश्मीर के पुलवामा व श्रीनगर-बारामुला मार्ग पर नाबरल में और बड़गाम में हिंसक प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कथित तौर पर हिंसक झड़पें भी हुई। बताया जाता है कि सुरक्षाकर्मियों को उस समय बल प्रयोग करना पड़ा, जब बार-बार चेतावनी के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने अवरोधकों को तोड़ते हुए सुरक्षाकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की करते हुए जुलूस निकलाने का प्रयास किया। लगभग एक घंटे बाद सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति पर काबू पाया। बांडीपोरा के सोनावारी इलाके में भी शियाओं ने अमेरिका के खिलाफ प्रदर्शन किया।

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