Thursday, April 23, 2026
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West Bengal Polls : बंगाल में 152 सीटों पर TMC और BJP के बीच महामुकाबला, पढ़ें 10 बड़ी बातें

नई दिल्ली। West Bengal Polls :  बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की लंबी प्रक्रिया के बाद हो रहे विधानसभा चुनाव के पहले चरण के तहत गुरुवार को 16 जिलों की 152 सीटों पर भारी सुरक्षा में वोट पड़ रहे हैं।

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इनमें उत्तर बंगाल के आठ, दक्षिण बंगाल के तीन व जंगलमहल क्षेत्र के पांच जिले शामिल हैं। बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय से दी गई जानकारी के मुताबिक पहले चरण के लिए केंद्रीय बलों की कुल 2,407 कंपनियों की तैनाती की गई है। पूर्व मेदिनीपुर जिले में सबसे अधिक 273 कंपनियां मुस्तैद हैं। मतदान केंद्रों को अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है। उनके 100 मीटर के दायरे पर केंद्रीय बलों का नियंत्रण है।

चुनाव से जुड़ी 10 बड़ी बातें

राज्य के 16 जिलों की 294 सीटों में से 152 सीटों पर आज लगभग 3.6 करोड़ मतदाताओं के वोट डालने की उम्मीद है। कम से कम 80 सीटों पर कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है।

2011 से लगातार तीन कार्यकाल पूरे करने के बाद कई लोगों का मानना है कि यह ममता बनर्जी के सामने अब तक का सबसे कठिन चुनाव हो सकता है। हालांकि, 2021 में भी कुछ ऐसी ही बात कही गई थी, जब बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस ने 215 सीटें जीती थीं और यह अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन था। उस चुनाव में भाजपा ने 77 सीटें जीती थीं।

भाजपा तृणमूल के शुरुआती बढ़त को लगातार कम करती जा रही है। वह बिना रुके भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों और विकास की कमी को उजागर कर रही है, जिसने पिछले पांच दशकों से बंगाल को जकड़ रखा है।

तृणमूल ने इस मुकाबले को बाहरी लोगों के खिलाफ आत्म-निर्धारण की लड़ाई के तौर पर पेश किया है। साथ ही, इसे केंद्र सरकार के खिलाफ अस्तित्व की लड़ाई भी बताया है और आरोप लगाया है कि राज्य के लिए आवंटित फंड जारी करने से इनकार कर रही है।

सत्ताधारी पार्टी के लिए चिंता की बात यह है कि चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची का जो ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ किया गया है, उससे लगभग 89 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। यह आंकड़ा 2021 में तृणमूल कांग्रेस की जीत के अंतर से थोड़ा ही अधिक है।

2021 में ममता बनर्जी की पार्टी को 48 प्रतिशत वोट मिले थे, जबकि भाजपा को 38 प्रतिशत वोट मिले थे। आंकड़ों से पता चलता है कि एसआईआर के असर से कई जिलों में वोटर लिस्ट 11.6 प्रतिशत से भी ज्यादा कम हो गई है, जहां तृणमूल की जीत का अंतर बहुत कम है।

इस चरण में चुनाव लड़ने वाले प्रमुख तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवारों में सिलीगुड़ी से गौतम देब, दिनहाटा से उदयन गुहा, कोलकाता पोर्ट क्षेत्र से फिरहाद हकीम और नंदीग्राम से पबित्रा कर शामिल हैं।

भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी अपने गढ़ नंदीग्राम से चुनाव लड़ रहे हैं। वह भवानीपुर में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी चुनौती दे रहे हैं, जहां दूसरे चरण में मतदान होगा। भाजपा के प्रमुख चेहरों में माथाभंगा से केंद्रीय मंत्री निशीथ प्रमाणिक और खड़गपुर सदर से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष भी शामिल हैं।

चुनाव आयोग ने राज्य को एक किले में तब्दील कर दिया है और 2.4 लाख से अधिक कर्मियों वाली केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 2,407 कंपनियों को तैनात किया है।

मतदाताओं, चुनाव कर्मियों, ड्यूटी प्राप्त पुलिस कर्मियों व राजनीतिक दलों के प्राधिकृत एजेंटों के अलावा किसी को इसके दायरे में आने की अनुमति नहीं दी जा रही है। प्रत्येक मतदान केंद्र पर केंद्रीय बल के चार जवान तैनात हैं। केंद्रीय बलों के जवान अपनी मर्जी से कहीं भी मूव कर सकेंगे। पुलिसकर्मी इसमें उनका मार्गदर्शन करेंगे।

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