TikTok Ban : भारत में टिकटॉक अभी भी ब्लॉक है। सरकारी सूत्रों को ऐसा इसलिए कहना पड़ा, क्योंकि कई उपयोगकर्ताओं ने दावा किया कि वे वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म की वेबसाइट एक्सेस कर पा रहे हैं। सरकारी सूत्रों ने कहा, ‘भारत सरकार ने टिकटॉक को अनब्लॉक करने का कोई आदेश जारी नहीं किया है। सरकार की ओर से टिकटॉक पर लगे प्रतिबंध को हटाने को लेकर कोई संकेत भी नहीं दिया गया है। ऐसा कोई भी बयान या खबर सरासर गलत और भ्रामक है। ऐसे सभी दावे झूठे हैं।’ हालांकि, कुछ उपयोगकर्ता वेबसाइट एक्सेस कर पा रहे थे, लेकिन वे लॉग इन नहीं कर पा रहे थे। इस दौरान वीडियो अपलोड करने या देखने की सुविधा भी सक्रिय नहीं थी। चीनी प्लेटफॉर्म का एप एप स्टोर पर भी उपलब्ध नहीं था।
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दूरसंचार विभाग के सूत्रों के मुताबिक, इंटरनेट सेवा प्रदाता वेबसाइट को लगातार ब्लॉक कर रहे हैं, जिससे यह साफ नहीं हो पा रहा है कि कुछ लोगों की ओर से यह कैसे एक्सेस की जा रही थी। इस बीच ऐसे दावे भी किए गए कि ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म AliExpress भी उपयोगकर्ताओं के लिए काम कर रहा था।
घटनाक्रम भारत और चीन के बीच संबंधों को बेहतर बनाने के प्रयासों के बीच आया है, जो 2020 में गलवां घाटी में हुई घातक झड़पों के बाद कमजोर और तनावपूर्ण हो गए थे। इस हफ्ते की शुरुआत में दोनों देशों ने स्थिर, सहयोगात्मक और दूरदर्शी संबंधों के लिए कई उपायों की घोषणा की, जिनमें सीमा पर संयुक्त रूप से शांति बनाए रखना, सीमा व्यापार को फिर से खोलना, निवेश प्रवाह को बढ़ावा देना और जल्द से जल्द सीधी उड़ान कनेक्टिविटी फिर से शुरू करना शामिल है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के निमंत्रण पर तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए 31 अगस्त से 1 सितंबर तक चीन की यात्रा करेंगे। इससे पहले चीनी विदेश मंत्री वांग यी भारत दौरे पर आए थे। यहां उन्होंने भारत और चीन के रिश्तों को फिर से पटरी पर लौटाने की बात पर जोर दिया था। चीनी विदेश मंत्री के नई दिल्ली आने से पहले भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी चीन का दौरान किया था।
इससे पहले पूर्वी लद्दाख के गलवां में 15 जून, 2020 को हुई झड़पों के बाद सरकार की ओर से प्रतिबंधित किए गए 59 एप्स में टिकटॉक और अलीएक्सप्रेस भी शामिल थे। सरकारी सूत्रों ने तब कहा था कि ब्लॉक किए गए एप्स ने उपयोग की शर्तों का उल्लंघन किया है। उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता से समझौता किया है और स्पाइवेयर या मैलवेयर के रूप में इस्तेमाल किए जा रहे हैं।