नई दिल्ली। Qatar gas hub attack : मध्य पूर्व में तनाव अब पूरी तरह बेकाबू हो चुकी है। आत्मघाती ड्रोन हमलों ने इराक में अमेरिकी सैन्य अड्डे को निशाना बनाया है। इसके साथ ही कतर के गैस हब पर मिसाइलों की बारिश हो गई है।
Chaitra Navratri : आज से देश में नवरात्रि की धूम; पहले दिन मां शैलपुत्री की करें आराधना
कतर की सरकारी ऊर्जा कंपनी कतर एनर्जी ने बताया कि गुरुवार को उसके कई लिक्विफाइड नेचुरल गैस यानी एलएनजी सुविधाओं पर मिसाइल हमले हुए। इन हमलों से बड़े-बड़े आग लग गई और पहले वाले नुकसान में और भी भारी इजाफा हो गया।
कंपनी ने साफ कहा कि यह हमले पिछले वाले हमले के बाद हुए हैं। बुधवार को रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी पर जो हमला हुआ था, उसमें गैस-टू-लिक्विड्स सुविधा को भारी नुकसान पहुंचा था।
कतर के गैस प्लांट पर लगातार हमले
ईरान की सरकारी टीवी ने भी इस हमले की पुष्टि की। उसने बताया कि कतर का मुख्य गैस प्लांट रास लफान रिफाइनरी फिर से मिसाइल से टकराया गया। हमले के बाद वहां आग लग गई और धुआं उठ रहा है। ईरान की स्टेट टीवी ने टेलीग्राम पर पोस्ट भी किया कि रास लफान रिफाइनरी जल रही है।
इससे साफ है कि हमले रुकने का नाम नहीं ले रहे। कतर ने पहले वाले हमले में भी भारी नुकसान की बात कही थी और अब नई मिसाइलों ने स्थिति और बिगाड़ दी है।
सऊदी अरब ने आक्रमक तेवर
सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने साफ चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ईरान अपने पड़ोसियों पर हमलों से दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। सऊदी अरब इस दबाव में नहीं झुकेगा और अगर जरूरी हुआ तो सैन्य कार्रवाई का पूरा अधिकार रखता है।
रियाद में क्षेत्रीय विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद प्रिंस फैसल ने कहा कि यह दबाव उल्टा पड़ने वाला है। सऊदी अरब पहले भी साफ कर चुका है कि वह जवाबी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।
इजरायल के हमलों से ट्रंप ने झाड़ लिया पल्ला
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर अब कोई हमला नहीं होगा। लेकिन अगर ईरान ने कतर के एलएनजी प्लांट पर फिर से हमला किया तो अमेरिका उस पूरे फील्ड को इतनी ताकत से उड़ा देगा कि ईरान ने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा।
ट्रंप ने कहा, “अमेरिका को इस खास हमले के बारे में कुछ भी पता नहीं था, और क़तर देश का इसमें किसी भी तरह से कोई हाथ नहीं था, न ही उसे कोई अंदाजा था कि ऐसा होने वाला है।”


