देहरादून: SKATING TROPHY 2026 उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में इंटरनेशनल शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी 2026 का भव्य आगाज हो गया है. इंटरनेशनल शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी में 14 देशों के टॉप स्केटर्स भाग ले रहे हैं. इंटरनेशनल शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी का आयोजन हिमाद्रि आइस रिंक में हो रहा है. इसका शुभारंभ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया.
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इस मौके पर एशियन स्केटिंग यूनियन के अध्यक्ष म्योंग-ही चांग विशेष अतिथि के तौर पर मौजूद रहे. चैंपियनशिप के उद्घाटन समारोह में भारतीय संस्कृति और एशियाई एकता का अनूठा संगम देखने को मिला. खास तौर पर भारतीय स्केटिंग एसोसिएशन की ओर से तैयार किए गए ‘One Asia, One Family’ एंथम के दौरान हिमाद्रि आइस रिंक में एशिया के 14 देशों के खिलाड़ियों ने अपने-अपने राष्ट्रीय ध्वज के साथ भव्य मार्च किया. पूरा रिंक अलग-अलग देशों के झंडों और खिलाड़ियों की मौजूदगी से अंतरराष्ट्रीय खेल महोत्सव में तब्दील नजर आया.
इस चैंपियनशिप में मेजबान भारत के अलावा चीन, दक्षिण कोरिया, वियतनाम, इंडोनेशिया, फिलीपींस, हांगकांग, थाईलैंड, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, मंगोलिया और मलेशिया समेत एशिया और क्षेत्र के कई प्रमुख देशों के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं. प्रतियोगिता में एशिया के शीर्ष स्तर के स्केटर्स के साथ कई ओलंपियन और ओलंपिक पदक विजेता खिलाड़ी भी मौजूद हैं. यही वजह है कि देहरादून में आयोजित यह प्रतियोगिता भारतीय खिलाड़ियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि यहां शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए आगे वर्ल्ड कप और ओलंपिक क्वालिफिकेशन की राह मजबूत होगी.
हिमाद्रि आइस रिंक बना इंटरनेशनल डेस्टिनेशन: चैंपियनशिप के उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा उत्तराखंड जैसे हिमालयी राज्य में इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन का होना प्रदेश और देश दोनों के लिए बड़ी उपलब्धि है. उन्होंने कहा एशिया के एक दर्जन से अधिक देशों के खिलाड़ी आज देहरादून में अपने हुनर का प्रदर्शन कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा यह आयोजन केवल खेल प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि अलग-अलग देशों के बीच सांस्कृतिक और सामंजस्यपूर्ण संबंधों का भी प्रतीक है. उन्होंने कहा कि हिमाद्रि आइस रिंक अब एक अंतरराष्ट्रीय डेस्टिनेशन के रूप में पहचान बना चुका है. यहां इस तरह के आयोजनों की मेजबानी उत्तराखंड के खिलाड़ियों के साथ ही देश के युवा खिलाड़ियों के लिए नए अवसरों के दरवाजे खोल रही है.
मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखंड केवल आइस स्पोर्ट्स तक सीमित नहीं है, बल्कि वाटर स्पोर्ट्स और अन्य साहसिक खेलों के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि प्रदेश आज दुनिया के लिए ग्लोबल स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन के तौर पर अपनी संभावनाएं सामने रख रहा है. मुख्यमंत्री ने प्रतियोगिता में शामिल होने आए सभी खिलाड़ियों, कोच, स्पोर्ट्स ऑफिशियल्स और अन्य प्रतिनिधियों का भारत और विशेष रूप से उत्तराखंड में स्वागत किया.
दूसरे स्थान पर भारत, अब नंबर-1 की लड़ाई: वहीं इस मौके पर भारतीय स्केटिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष अमिताभ शर्मा ने आयोजन की मेजबानी के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार जताया. उन्होंने बताया भारत दूसरी बार इस एशियाई चैंपियनशिप की मेजबानी कर रहा है. इससे पहले 2025 में भी यह प्रतियोगिता भारत में आयोजित हुई थी. अब एक बार फिर देश को इसकी मेजबानी मिली है. अमिताभ शर्मा ने बताया इस चैंपियनशिप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह खिलाड़ियों के लिए वर्ल्ड कप का दरवाजा खोलती है. ओलंपिक तक पहुंचने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पड़ाव है.
उन्होंने कहा आयोजन को लेकर भारत ने वैश्विक स्तर की तैयारियां की हैं. आने वाले तीन दिनों की प्रतियोगिता से यह साफ होगा कि प्रशिक्षण और प्रदर्शन के स्तर पर भारत की तैयारी कितनी मजबूत है. उन्होंने माना कि प्रतियोगिता बेहद कड़ी होने वाली है, क्योंकि एशिया के शीर्ष देशों के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी यहां मौजूद हैं. उनके मुताबिक प्रतियोगिता में छह ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट भी हिस्सा ले रहे हैं. भारत की मौजूदा स्थिति की बात करें तो ओवरऑल टीम स्तर पर भारत दूसरे स्थान पर है, लेकिन इस बार लक्ष्य नंबर-1 पर पहुंचना है. उत्तराखंड की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है. फिगर स्केटिंग में उत्तराखंड टॉप-3 में मौजूद है, जबकि शॉर्ट ट्रैक टीम में प्रदेश के छह एथलीट भारतीय टीम का हिस्सा हैं. पूरे देश से करीब 130 एथलीट इस एशियाई चैंपियनशिप में भाग ले रहे हैं.
वर्ल्ड कप के बाद ओलंपिक पर नजर, भारतीय एथलीट तैयार: चैंपियनशिप को लेकर भारतीय टीम के शीर्ष खिलाड़ियों में भी खासा उत्साह है. तेलंगाना के प्रणव माधव और पुणे, महाराष्ट्र के अद्वैत कोठारी ने बताया उनका लक्ष्य इस प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई करना है. इसके बाद उनके लिए ओलंपिक की राह खुल सकती है. दोनों खिलाड़ियों का कहना है कि एशिया के लगभग सभी शीर्ष खिलाड़ी इस प्रतियोगिता में मौजूद हैं, ऐसे में मुकाबला बेहद चुनौतीपूर्ण होगा. उन्होंने लंबे समय से इस प्रतियोगिता के लिए तैयारी की है. उनका पहला लक्ष्य अपने पिछले रिकॉर्ड को बेहतर करना है.
दक्षिण कोरिया के ओलंपियंस भी देहरादून की मेजबानी से प्रभावित: वहीं प्रतियोगिता में शामिल होने आए दक्षिण कोरिया के शीर्ष स्केटिंग अधिकारियों और ओलंपियंस ने भी देहरादून के हिमाद्रि आइस रिंक की तारीफ की. चीफ रेफरी ह्येवोन पार्क, असिस्टेंट रेफरी सियोंग इल किम और गेस्ट ऑफ ऑनर जंग सु पार्क सभी ओलंपिक स्तर पर अनुभव रखने वाले अधिकारी हैं. उन्होंने कहा कि भारत में आकर और विशेष रूप से देहरादून में इस आयोजन का हिस्सा बनकर वे काफी खुश हैं. उन्होंने हिमाद्रि आइस रिंक की सुविधाओं की सराहना की. उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में यहां बेहद रोमांचक और कड़े मुकाबले देखने को मिलेंगे.
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