नई दिल्ली। Rahul Gandhi : लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गुरुवार को कहा, ‘अब सरकार को एक बात समझ आ गई है कि यह देश अभिव्यक्त करने से नहीं रुकेगा। भारत में बहुत से लोग कायरों की तरह व्यवहार कर रहे हैं।
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भारत में बहुत से लोग इस कायर फोर्स के डर से कायरों जैसा व्यवहार कर रहे हैं। 3000 साल पुराने भारत को समझने की आवश्यकता नहीं है बल्कि आज के भारत को समझने की जरूरत है।’
मैं RSS की रक्षा करूंगा
राहुल गांधी ने आगे कहा कि जिस दिन आरएसएस की अभिव्यक्ति को देश से बाहर करने की कोशिश शुरू हुई तो मैं उस दिन उनकी भी रक्षा करूंगा, क्योंकि उनकी भी अभिव्यक्ति की आजादी है। राहुल ने कहा कि हमरा काम किसी को रोकना नहीं है, हमारा कहना है कि हर किसी को अभिव्यक्ति की आजादी होनी चाहिए।
‘रचनात्मक कांग्रेस प्रकोष्ठ’ में बोले राहुल
दिल्ली में हो रहे कांग्रेस का ‘रचनात्मक कांग्रेस प्रकोष्ठ’ के अधिवेशन में राहुल ने कहा कि जंतर-मंतर पर छात्र अपनी बात रखना चाहते थे।
छात्र परेशान थे और अपनी पीड़ा व्यक्त करना चाहते थे, लेकिन सरकार ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। सरकार को समझ आ गया है कि लोग अब चुप नहीं रहेंगे।
जंतर-मंतर पर छात्र अपनी बात रखना चाहते थे: राहुल
राहुल गांधी ने आगे कहा, ‘जंतर-मंतर पर जो हो रहा था, वह यह है कि छात्र अपनी बात रखना चाहते हैं। वे तकलीफ में हैं और अपनी बात कहना चाहते हैं लेकिन सरकार कहती है – नहीं। हम जंतर-मंतर पर व्यवस्था बनाए रखेंगे। आप अपनी बात नहीं रख सकते। आज एक महिला मेरे पास आई, जिसकी बेटी के साथ 4 साल पहले उत्तराखंड में रेप हुआ था और उसकी हत्या कर दी गई थी।
वह रो रही है, अपनी बात कहना चाहती है लेकिन सिस्टम कहता है माफ़ कीजिए, हम आपको अपनी बात कहने की इजाजत नहीं देंगे क्योंकि इससे अव्यवस्था फैलेगी। तो उनका काम और उनकी राजनीतिक सोच भारत पर एक ऐसी व्यवस्था थोपना है, जिससे उन्हें और कुछ खास लोगों को फायदा हो। हमारा काम भारत को अपनी बात कहने का मौका देना और उस व्यवस्था को तोड़ना है।’
दो दिन के अधिवेशन में कई मुद्दों पर चर्चा
कांग्रेस का यह राष्ट्रीय अधिवेशन 12 अगस्त को नई दिल्ली के इंदिरा भवन में शुरू हुआ। इसमें सामाजिक संगठनों, कार्यकर्ताओं, शिक्षाविदों, अकादमिक जगत, कलाकारों, समुदाय प्रतिनिधियों और नागरिक समाज से जुड़े लोग शामिल हुए।
इस अधिवेशन के पहले दिन अर्थव्यवस्था, रोजगार, गरीबी और असमानता, पर्यावरण, विकास, विस्थापन, प्रदूषण, शिक्षा, स्वास्थ्य, न्याय, अधिकार, संस्कृति और शोध जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। अधिवेशन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी मौजूद थे।


