AI Impact Summit 2026 : केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में अहम भूमिका निभाने वाले सभी प्रमुख देशों ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 के साझा घोषणापत्र पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। वैष्णव ने कहा, 70 से अधिक देश पहले ही घोषणापत्र पर हस्ताक्षर कर चुके हैं और यह संख्या 80 के पार जाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, दुनिया भारत को सेमीकंडक्टर क्षेत्र में विश्वसनीय भागीदार मानती है।
Global Tarrif : अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप ने 10% ग्लोबल टैरिफ की घोषणा की
वैष्णव ने शिखर सम्मेलन में मीडिया से कहा, पिछले शिखर सम्मेलन के घोषणापत्र पर लगभग 60 देशों ने हस्ताक्षर किए थे। हम पहले ही 70 का आंकड़ा पार कर चुके हैं। उन्होंने कहा, कई विदेश मंत्री इस पर भारत सरकार के साथ चर्चा कर रहे हैं और अंतिम संख्या और घोषणापत्र की सामग्री पारदर्शी रूप से शनिवार को साझा की जाएगी। शिखर सम्मेलन को बड़ी सफलता बताते हुए उन्होंने कहा, एआई प्रदर्शनी में 5 लाख से अधिक आगंतुकों ने भाग लिया। इस आयोजन में बुनियादी ढांचे से संबंधित 250 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के निवेश की प्रतिबद्धता देखी गई।
वैष्णव ने कहा, दुनिया सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला के लिए भारत को विश्वसनीय भागीदार के रूप में देखती है, और सेमीकंडक्टर देश में प्रमुख क्षेत्र के रूप में उभरेगा। एआई में होने वाला नवाचार भी सेमीकंडक्टर क्षेत्र को लाभ पहुंचाएगा। वैष्णव अमेरिका के साथ पैक्स सिलिका समझौते के बारे में एक सवाल का जवाब दे रहे थे।
नवाचार क्षेत्र में कम होगी लागत
नवाचार के क्षेत्र में लागत में कटौती को लेकर हो रही चर्चा पर वैष्णव ने विनिर्माण खर्चों को कम करने के उद्देश्य से चल रहे नवाचारों की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा, लोग बिजली की लागत को 50 प्रतिशत तक कम करने पर विचार कर रहे हैं। चिप की लागत में भी यही बदलाव आएगा। बहुत सारे नवाचार हो रहे हैं। तकनीकी प्रगति की इस लहर से भारत को काफी लाभ होगा, विशेष रूप से जब देश अपनी सेमीकंडक्टर क्षमताओं का निर्माण कर रहा है। हम अपने डिजाइन और सेमीकंडक्टर क्षेत्र की यात्रा ऐसे बिंदु से शुरू कर रहे हैं जहां हम एआई के बारे में ज्ञात सभी लाभों का उपयोग कर सकते हैं और नए युग के अनुसार अपने चिप्स के डिजाइन को अनुकूलित कर सकते हैं।
सेना ने एआई-संचालित कई रक्षा उपकरणों का किया प्रदर्शन
जलवायु विज्ञान और आपदा पूर्वानुमान प्रणाली से लेकर दुर्घटनाओं को रोकने के लिए चालक की थकान का पता लगाने वाले उपकरण तक, भारतीय सेना ने एआई इम्पैक्ट समिट में कई अनुप्रयोगों का प्रदर्शन किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को सेना के पवेलियन का दौरा किया। भारतीय नौसेना ने भी शिखर सम्मेलन प्रदर्शनी के हिस्से के रूप में एक पवेलियन लगाया है। सेना ने हॉल नंबर 4 में स्थित अपने पवेलियन में कई एआई-आधारित अनुप्रयोगों का प्रदर्शन किया है। रक्षा मंत्री सिंह ने सैन्य अधिकारियों के साथ बातचीत की, जिन्होंने उन्हें पवेलियन का दौरा कराया, जिसने युवा और बुजुर्ग दोनों तरह के आगंतुकों को आकर्षित किया है। रक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया पर पोस्ट में कहा, आज भारत मंडपम में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में भाग लेकर बेहद प्रसन्न हूं।
भारत एआई व उन्नत प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में तेजी से वैश्विक लीडर के रूप में उभर रहा है। यह शिखर सम्मेलन हमारे नवप्रवर्तकों, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप्स, सशस्त्र बलों और उद्योग जगत के नेताओं की अपार प्रतिभा को प्रदर्शित करता है। राजनाथ ने आगे लिखा, पीएम मोदी की ओर से समिट में व्यक्त किया गया भारत का एआई विजन मानव मानवता को एक सुरक्षित और भविष्य के लिए तैयार दुनिया की ओर अग्रसर करता है।
RSS defamation case : राहुल गांधी आज भिवंडी कोर्ट में होंगे पेश


