Tuesday, October 20, 2026
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West Asia Crisis : आज मुख्यमंत्रियों के साथ प्रधानमंत्री मोदी की बैठक, राज्यों की तैयारियों की करेंगे समीक्षा

West Asia Crisis : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनाव वाले राज्यों को छोड़कर अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये आज शाम बातचीत करेंगे। खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष शुरू होने के बाद पीएम मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ पहली बार बैठक होगी। कैबिनेट सचिवालय चुनाव वाले राज्यों तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के मुख्य सचिवों के साथ अलग-अलग बैठक करेगा।

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केंद्र सरकार के सूत्रों ने बताया, प्रधानमंत्री शुक्रवार शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्रियों से जुड़ेंगे और इस दौरान संकट से निपटने में राज्यों की तैयारियों और योजनाओं की समीक्षा भी होगी। इस पहल का उद्देश्य ‘टीम इंडिया’ की भावना से प्रेरित होकर सरकार के प्रयासों में तालमेल सुनिश्चित करना है।

प्रधानमंत्री मोदी ईरान संघर्ष से उत्पन्न संकट पर लगातार सक्रिय हैं। सोमवार को उन्होंने लोकसभा सांसदों को इस बारे में सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी जबकि मंगलवार को राज्यसभा को इस बारे में संबोधित किया। बुधवार को सर्वदलीय बैठक में उनके वरिष्ठ मंत्रियों ने विपक्ष के सभी दलों के सवालों के जवाब दिए। चूंकि तेल-गैस की आपूर्ति से निपटने में राज्यों की महत्वपूर्ण भूमिका है इसलिए इस बारे में अब मोदी मुख्यमंत्रियों से चर्चा करेंगे।

पीएम मोदी लगातार यह कहते रहे हैं कि ईरान संघर्ष से पैदा संकट लंबा खिंच सकता है। उन्होंने यह आशंका भी जताई है कि संकट की स्थिति में कुछ तत्व इसका फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं और इससे निपटने में राज्यों को सख्त कदम उठाने होंगे। लोकसभा में अपने संबोधन में भी उन्होंने इस बात पर जोर दिया था।

भारत के पास 60 दिन का ईंधन: सरकार

इससे पहले सरकार ने नागरिकों को आश्वस्त किया कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बावजूद कोई तात्कालिक खतरा नहीं है। सरकार ने बताया कि देश के पास 60 दिनों का ईंधन उपलब्ध है। लोगों से ईंधन की कमी से जुड़ी अटकलों पर ध्यान न देने की अपील की गई। सरकार ने पुष्टि की कि देश की ऊर्जा आपूर्ति स्थिर और अच्छी तरह प्रबंधित है और मौजूदा मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त भंडार मौजूद है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, कच्चे तेल की आपूर्ति अगले लगभग दो महीने के लिए पहले ही सुनिश्चित कर ली गई है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल बाजार कंपनियों ने पहले से ही आयात की व्यवस्था कर ली है, जिससे आपूर्ति में निरंतरता बनी रहे। होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधाओं के बावजूद भारत 40 से अधिक देशों से कच्चा तेल खरीद रहा है, जिससे किसी एक मार्ग या क्षेत्र पर निर्भरता कम हो जाती है।

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