Saturday, October 24, 2026
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एसआरएचयू का कायाकल्प: ‘लाइफ का कम्पस’ बना जीवन दर्शन, शैक्षणिक इकाइयों के बदले नाम

देहरादून,9 मई 2025 indianrevenue news : स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू), जौलीग्रांट ने एक नई ब्रांड फिलॉसफी और आधुनिक पहचान का अनावरण किया है।

विश्वविद्यालय ने अपनी नई ब्रांड फिलॉसफी को ‘लाइफ का कम्पस’ नाम दिया है,

जिसे विश्वविद्यालय ने सिर्फ एक पंक्ति नहीं बल्कि अपनी जीवनशैली बताया है।

यह ब्रांड फिलॉसफी छात्रों के जीवन को प्रगति, पूर्णता और सफलता की दिशा में मार्गदर्शन करने के लिए विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

इस अवसर पर एसआरएचयू ने एक नया लोगो भी लॉन्च किया, जो विश्वविद्यालय के विकास और मूल्यों का प्रतिनिधित्व करता है।

ब्रांड लॉन्च कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए एसआरएचयू के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना ने विश्वविद्यालय की इस नई यात्रा के बारे में विस्तार से बताया।

उन्होंने कहा कि यह केवल रीब्रांडिंग नहीं है, बल्कि यह चरित्र, ज्ञान और मानवीय मूल्यों के साथ जीवन को आकार देने की हमारी गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

‘लाइफ का कम्पस’ सिर्फ छात्रों के लिए ही नहीं, बल्कि एसआरएचयू परिवार के हर सदस्य के लिए है।

यह हमारी उस दूरदर्शी सोच का प्रतीक है, जो हमें अपनी विरासत से मिली है और जो हमें हमेशा समय से आगे रहने की प्रेरणा देती है।

‘लाइफ का कम्पस’ फिलॉसफी चार मुख्य स्तंभों पर आधारित है, जो विश्वविद्यालय के तंत्र में सभी को सशक्त बनाने का कार्य करेंगे

उद्यमिता: विश्वविद्यालय का नवाचार और उद्यमिता केंद्र छात्रों के नए विचारों को प्रोत्साहित करेगा और उन्हें कल के प्रभावशाली व्यवसायों में बदलने में मदद करेगा।

इंटर्नशिप: छात्रों को वास्तविक दुनिया का अनुभव प्रदान किया जाएगा, जिससे वे उद्योग जगत की कार्यप्रणाली से परिचित हो सकें और अपने करियर के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो सकें।

मेंटरशिप: व्यक्तिगत मार्गदर्शन के माध्यम से युवाओं को उनके शैक्षणिक और व्यावसायिक लक्ष्यों तक पहुंचने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

नेतृत्व: एसआरएचयू छात्रों में मजबूत संचार कौशल और जिम्मेदारी की भावना के साथ नैतिक मूल्यों का विकास करेगा, ताकि वे स्थानीय और वैश्विक स्तर पर सकारात्मक बदलाव लाने में सक्षम नेता बन सकें।

डॉ. धस्माना ने जोर देकर कहा कि एसआरएचयू का नया दृष्टिकोण समग्र विकास और प्रगतिशीलता पर केंद्रित है, जो युवाओं को उद्देश्य और आत्मविश्वास के साथ जीवन की यात्रा में आगे बढ़ने में सहायक होगा।

इस दूरदर्शी दृष्टिकोण के साथ, एसआरएचयू ने अपनी गैर-चिकित्सा शैक्षणिक इकाइयों के नामों में भी परिवर्तन किया है।

अब ये इकाइयां स्कूल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, स्कूल ऑफ बायोसाइंसेज, स्कूल ऑफ योगा साइंसेज और स्कूल ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज के नाम से जानी जाएंगी।

Rajan
Rajanhttp://indianrevenue.com
R K Solanki, (Owner & Editor-in-Chief, www.indianrevenue.com ) - An Ex- Indian Revenue Service (IRS) Officer, having a career spanning more then 35 years. Served in Ministry of Finance, Department of Revenue, CBEC (Now CBIC).
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