Tariff Threat : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर कहा, ‘ईरान के साथ व्यापार करने वाले किसी भी देश को तत्काल प्रभाव से अमेरिका के साथ किए जाने वाले सभी प्रकार के व्यापार पर 25 प्रतिशत का टैरिफ देना होगा।’ डोनाल्ड ट्रंप ने अपने आदेश को अंतिम और निर्णायक बताया।
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ट्रंप के इस फैसले के चलते ईरान पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। गौरतलब है कि ईरान में बीते करीब 15 दिनों से देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। ट्रंप ने अपनी पोस्ट में साफ किया है कि ये शुल्क तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। वहीं, इससे पहले व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने भी ईरान को अप्रत्यक्ष रूप से चेतावनी जारी की थी।
अमेरिकी दूतावास ने जारी की सलाह
ईरान में अमेरिकी वर्चुअल दूतावास की ओर से जारी सलाह में अमेरिकी नागरिकों को तुरंत ईरान छोड़ने को कहा गया है। इसमें कहा गया है, ‘ईरान में विरोध प्रदर्शन बढ़ रहे हैं और हिंसक रूप ले सकते हैं, जिसकी वजह से गिरफ्तारियां हो सकती हैं और चोटें लग सकती हैं। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, सड़कें बंद कर दी गई हैं, सार्वजनिक परिवहन बाधित है और इंटरनेट पर प्रतिबंध है। एयरलाइंस ईरान से आने-जाने वाली उड़ानों को सीमित या रद्द कर रही हैं। अमेरिकी नागरिकों को इंटरनेट की लगातार रुकावटों के लिए तैयार रहना चाहिए, संचार के वैकल्पिक साधनों की योजना बनानी चाहिए। अगर ऐसा करना सुरक्षित हो, तो आर्मेनिया या तुर्किये के लिए सड़क मार्ग से ईरान छोड़ने पर विचार करना चाहिए।
व्हाइट हाउस ने दी क्या चेतावनी?
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर कैरोलिन लेविट ने कहा, ‘राष्ट्रपति ट्रंप हमेशा सभी विकल्प खुले रखते हैं। कूटनीति उनकी पहली पसंद है, लेकिन जरूरत पड़ने पर सैन्य कार्रवाई, यहां तक कि हवाई हमले भी विकल्पों में शामिल हैं।’ लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप हालात को बेहद करीब से देख रहे हैं। उन्होंने बताया कि ईरानी शासन सार्वजनिक मंचों पर जो बयान दे रहा है, वह उन निजी संदेशों से अलग है, जो अमेरिकी प्रशासन को अंदरूनी चैनलों से मिल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ट्रंप इन निजी संदेशों को गंभीरता से परखना चाहते हैं और यह देखना चाहते हैं कि बातचीत की कोई वास्तविक गुंजाइश है या नहीं। गौरतलब है कि ईरान की ओर से कहा गया था कि बातचीत का रास्ता खुला हुआ है। हालांकि, ईरान की ओर से लगातार अमेरिका के खिलाफ बयान दिए जा रहे हैं। ईरान की ओर से इस्त्राइल और अमेरिका पर देश को अस्थिर करने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
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